How to Make Mathri Without Maida Step by Step Recipe: मैदा खाने से शरीर को कई नुकसान होते हैं। इसलिए हम आपको बताएंगे खस्ता मठरी बनाने की आसान विधि, वो भी बिना मैदे के…..
अगर आपको चाय के साथ कुछ खस्ता, कुरकुरा और स्वाद से भरपूर खाना पसंद है, तो मठरी का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है।
लेकिन पारंपरिक मठरी मैदे और ज्यादा तेल से बनती है, जो रोज़ाना खाने के लिए सेहतमंद नहीं मानी जाती।
ऐसे में आज हम आपके लिए लाए हैं बिना मैदे की खस्ता मठरी रेसिपी, जो स्वाद में बिल्कुल बाजार जैसी होगी,
लेकिन सेहत के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद है।
बिना मैदे की मठरी क्यों है बेहतर?
आजकल लोग धीरे-धीरे मैदे से दूरी बना रहे हैं, और इसकी वजह बिल्कुल सही है।
मैदा पाचन में भारी होता है और ज्यादा खाने पर कई समस्याएं पैदा कर सकता है।
वहीं आटे, सूजी या मल्टीग्रेन से बनी मठरी शरीर को नुकसान पहुंचाए बिना स्वाद भी देती है।
बिना मैदे की मठरी के फायदे
- पाचन में हल्की
- देर तक पेट भरा रहता है
- ब्लड शुगर लेवल को जल्दी नहीं बढ़ाती
- रोज़ाना या वीकली स्नैक के रूप में बेहतर
- बच्चों के टिफिन के लिए भी सही
- Mathri Recipe के लिए आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री:
- गेहूं का आटा – 1 कप
- सूजी (बारीक रवा) – ½ कप
- बेसन – ¼ कप
स्वाद और खस्ता बनाने के लिए:
- अजवाइन – 1 छोटी चम्मच
- कुटी हुई काली मिर्च – ½ छोटी चम्मच
- जीरा – ½ छोटी चम्मच
- नमक – स्वाद अनुसार
मोयन के लिए:
- देसी घी या तेल – 3 टेबलस्पून
अन्य:
- पानी – जरूरत अनुसार (सख्त आटा गूंधने के लिए)
- तलने के लिए तेल
खस्ता मठरी का परफेक्ट आटा कैसे गूंधें?
मठरी की खस्तापन काफी हद तक आटे की गूंधाई पर निर्भर करता है।
- सबसे पहले एक बड़े परात या बाउल में गेहूं का आटा, सूजी और बेसन डालें।
- अब इसमें अजवाइन, जीरा, काली मिर्च और नमक मिलाएं।
- इसके बाद घी या तेल डालकर सूखे हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें।
- मिश्रण को मुट्ठी में दबाकर देखें, अगर वह बंध जाए, तो मोयन बिलकुल सही है।
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंध लें।
- आटे को ढककर 15 मिनट के लिए आराम करने दें।
याद रखें: मठरी का आटा कभी भी ज्यादा नरम नहीं होना चाहिए, नहीं तो मठरी खस्ता नहीं बनेगी।
मठरी बनाने की विधि
स्टेप 1: मठरी बेलना
- आटे से छोटे-छोटे लोई बना लें।
- हर लोई को ज्यादा पतला नहीं, बल्कि थोड़ा मोटा बेलें।
- चाकू या फोर्क से मठरी पर हल्के छेद कर दें, ताकि तलते समय मठरी फूले नहीं और अंदर तक अच्छी तरह सिक जाए।
स्टेप 2: तेल गरम करना
- कड़ाही में तेल डालें और मीडियम आंच पर गरम करें।
- तेल बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए, वरना मठरी बाहर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रह सकती है।
स्टेप 3: मठरी तलना
- गरम तेल में मठरी डालें और आंच को धीमा कर दें।
- धीरे-धीरे पलटते हुए मठरी को सुनहरी और कुरकुरी होने तक तलें।
- तेज आंच पर तलने से मठरी बाहर से सख्त और अंदर से नरम रह जाती है, इसलिए धीमी से मीडियम आंच पर ही तलें।
स्टेप 4: मठरी को ठंडा करना
- तली हुई मठरी को टिशू पेपर या छलनी में निकालें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
- मठरी को पूरी तरह ठंडा होने दें, उसके बाद ही इसे स्टोर करें।
ओवन या एयर फ्रायर में मठरी कैसे बनाएं?
अगर आप बहुत कम तेल में या लगभग ऑयल-फ्री मठरी बनाना चाहती हैं, तो एयर फ्रायर या ओवन का इस्तेमाल कर सकती हैं।
- बनी हुई मठरी पर हल्का सा ब्रश करके तेल लगा लें।
- एयर फ्रायर में 170 डिग्री सेल्सियस पर लगभग 12–15 मिनट बेक करें।
- ओवन में 180 डिग्री सेल्सियस पर 18–20 मिनट तक बेक करें।
- बीच में एक बार मठरी को पलट दें, ताकि दोनों तरफ से समान रूप से कुरकुरी हो जाए।
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स्वाद बढ़ाने के हेल्दी विकल्प
आप चाहें तो मठरी में कुछ अतिरिक्त हेल्दी चीजें भी मिला सकती हैं:
- मेथी के सूखे पत्ते
- तिल या अलसी के बीज
- कसूरी मेथी
- हल्दी या धनिया पाउडर
ये सभी चीजें मठरी के स्वाद को यूनिक बनाती हैं और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं।
खस्ता मठरी को कैसे स्टोर करें?
- सबसे पहले मठरी को पूरी तरह ठंडा होने दें।
- ठंडी मठरी को एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें।
- नमी से दूर रखें, नहीं तो मठरी नरम हो सकती है।
- सही तरीके से स्टोर की हुई मठरी 2–3 हफ्ते तक आराम से चल सकती है।
बिना मैदे की मठरी किन लोगों के लिए फायदेमंद है?
- डायबिटीज से जूझ रहे लोग (संयमित मात्रा में)
- वजन नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोग
- बच्चे और बुजुर्ग जिन्हें हल्का स्नैक चाहिए
- ऑफिस जाने वाले लोग जिन्हें लॉन्ग-लास्टिंग स्नैक चाहिए
- हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले सभी लोग
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या बिना मैदे की मठरी सच में खस्ता होती है?
हां, अगर मोयन सही मात्रा में डाला जाए और मठरी को धीमी से मीडियम आंच पर तला जाए,
तो बिना मैदे की मठरी भी पूरी तरह खस्ता और कुरकुरी बनती है।
प्रश्न 2: क्या इसे रोज़ खाया जा सकता है?
यह पारंपरिक मैदे वाली मठरी की तुलना में हल्की और अपेक्षाकृत हेल्दी है,
लेकिन फिर भी इसे सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है, खासकर अगर आप वेट लॉस या शुगर कंट्रोल में हैं।
प्रश्न 3: क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है?
जी हां, यह बाजार में मिलने वाली ज्यादा तली हुई और प्रिजर्वेटिव वाली स्नैक्स की जगह एक अच्छा विकल्प है।
बस बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मसालेदार या बहुत कड़ी मठरी न बनाएं।
प्रश्न 4: क्या इस मठरी को यात्रा में ले जा सकते हैं?
बिल्कुल, सही तरीके से स्टोर की गई मठरी कई दिनों तक चलती है,
इसलिए इसे यात्रा, पिकनिक या लम्बी जर्नी में साथ ले जाना एक अच्छा विकल्प है।
निष्कर्ष
अगर आप भी बाजार की तली-भुनी चीजों से दूरी बनाकर घर पर हेल्दी, स्वादिष्ट और खस्ता मठरी बनाना चाहती हैं,
तो यह बिना मैदे की मठरी रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है।
कम तेल, बेहतर गुणवत्ता वाले आटे और सही मसालों के साथ तैयार यह स्नैक न सिर्फ आपके स्वाद को पसंद आएगा,
बल्कि सेहत के लिए भी बेहतर विकल्प साबित होगा।
एक बार इस रेसिपी से मठरी बनाकर जरूर देखें, और अपने परिवार के साथ चाय के समय इसका मजा लें।
आपको खुद महसूस होगा कि बिना मैदे की मठरी भी कितनी स्वादिष्ट और खस्ता हो सकती है।






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