भारतीय त्योहारों की बात हो और मोतीचूर के लड्डू का ज़िक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। शादी-ब्याह, पूजा, प्रसाद या फिर मिठाई की थाली – हर जगह मोतीचूर के लड्डू सबसे पहले खत्म होते हैं।
अक्सर हम सोचते हैं कि ये लड्डू हलवाई जैसे घर पर नहीं बन सकते, लेकिन सच यह है कि सही तरीका पता हो तो आप भी बिल्कुल बाज़ार जैसे सॉफ्ट, जूसी और खुशबूदार मोतीचूर लड्डू घर पर बना सकती हैं।
इस ब्लॉग में आपको मिलेगी पूरी आसान विधि – स्टेप बाय स्टेप।
मोतीचूर के लड्डू क्या होते हैं?
मोतीचूर के लड्डू बेसन के बहुत ही छोटे-छोटे बूंदी दानों से बनाए जाते हैं, जिन्हें केसरिया चाशनी में भिगोकर फिर गोल लड्डू का आकार दिया जाता है। इनका टेक्सचर नरम, स्वाद मीठा और खुशबू घी व इलायची की होती है।
मोतीचूर लड्डू बनाने के लिए सामग्री
बूंदी के लिए:
- बेसन – 1 कप
- कॉर्नफ्लोर – 1 चम्मच
- फूड कलर – चुटकी भर (वैकल्पिक)
- पानी – आवश्यकतानुसार
- घी या तेल – तलने के लिए
चाशनी के लिए:
- चीनी – 1 कप
- पानी – आधा कप
- इलायची पाउडर – आधा चम्मच
- केसर – 6–7 धागे (वैकल्पिक)
लड्डू शेप देने के लिए:
- बारीक कटे काजू – 1 चम्मच
- किशमिश – 1 चम्मच
- पिस्ता – 1 चम्मच
- घी – हाथों पर लगाने के लिए
मोतीचूर के लड्डू बनाने की विधि (स्टेप बाय स्टेप)
Step 1: घोल तैयार करें
- एक बर्तन में बेसन और कॉर्नफ्लोर डालें
- थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर स्मूद घोल बनाएं
- घोल न बहुत पतला हो, न बहुत गाढ़ा
- चाहें तो इसमें फूड कलर मिला लें
Step 2: बूंदी बनाएं
- कड़ाही में घी गरम करें
- झारे के ऊपर घोल डालें और हल्का टैप करें
- बूंदी को मध्यम आंच पर हल्का नरम रखें
- ज्यादा कुरकुरी न करें
- टिश्यू पेपर पर निकाल लें
Step 3: चाशनी तैयार करें
- पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें
- 2 तार की चाशनी तैयार करें
- इलायची पाउडर और केसर मिला दें
Step 4: बूंदी को चाशनी में मिलाएं
- गरम बूंदी को गरम चाशनी में डाल दें
- ऊपर से ड्राई फ्रूट्स मिला दें
- 10–15 मिनट ढककर रख दें
Step 5: लड्डू का आकार दें
- जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए
- हाथों पर थोड़ा घी लगाकर लड्डू बनाएं
- 1 घंटे के लिए सेट होने दें
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परफेक्ट हलवाई स्टाइल मोतीचूर लड्डू के टिप्स
- बूंदी ज्यादा कुरकुरी न करें
- चाशनी 2 तार की ही रखें
- मिश्रण सूखा लगे तो थोड़ा गर्म दूध मिलाएं
- देसी घी से स्वाद और बेहतर होता है
मोतीचूर लड्डू कब-कब बना सकते हैं?
- दीपावली
- रक्षाबंधन
- गणेश चतुर्थी
- शादी-ब्याह
- पूजा-पाठ
- बच्चों के टिफिन के लिए
घर पर बने मोतीचूर लड्डू के फायदे
- शुद्ध सामग्री
- मिलावट का डर नहीं
- स्वाद ज्यादा बेहतर
- बच्चों के लिए सुरक्षित
- किफायती मिठाई
Frequently Asked Questions (FAQs)
मोतीचूर और बूंदी लड्डू में क्या अंतर है?
मोतीचूर में बूंदी के दाने बहुत बारीक होते हैं, इसलिए लड्डू ज्यादा सॉफ्ट और जूसी होते हैं।
क्या बिना फूड कलर के बना सकते हैं?
हाँ, आप केसर या हल्दी के हल्के रंग से भी नेचुरल कलर पा सकती हैं।
मोतीचूर लड्डू कितने दिन चलते हैं?
रूम टेम्परेचर पर 5–7 दिन और फ्रिज में 10–12 दिन तक सुरक्षित रहते हैं।
अगर चाशनी सही न बने तो?
पतली हो तो और उबालें, गाढ़ी हो तो थोड़ा गर्म पानी मिलाएं।
लड्डू टूट रहे हों तो क्या करें?
थोड़ा गर्म दूध या चाशनी मिलाने से मिश्रण अच्छे से बंध जाएगा।
क्या बच्चों के लिए सुरक्षित हैं?
हाँ, घर पर शुद्ध सामग्री से बने लड्डू बच्चों के लिए अच्छे होते हैं।
क्या व्रत में खा सकते हैं?
नहीं, क्योंकि इसमें बेसन और कॉर्नफ्लोर का उपयोग होता है।





