मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। खासकर सर्दियों में या बारिश के मौसम के बाद यह परेशानी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को घेर लेती है। बार-बार छींक आना, नाक बहना, गले में जलन, सिर भारी लगना और खांसी के कारण रोज़मर्रा के काम भी मुश्किल हो जाते हैं।
अक्सर लोग तुरंत दवाइयों का सहारा ले लेते हैं, लेकिन हर बार दवा लेना सही नहीं होता। ऐसे में हमारे घरों में मौजूद दादी-नानी के आज़माए हुए आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे बेहद कारगर साबित होते हैं। ये नुस्खे न सिर्फ सुरक्षित होते हैं बल्कि शरीर की इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं।
सर्दी-खांसी क्यों होती है?
सर्दी-खांसी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी हवा या ठंडा पानी, कमजोर इम्युनिटी, वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, धूल-मिट्टी और प्रदूषण।
आयुर्वेद के अनुसार, सर्दी-खांसी मुख्य रूप से कफ दोष के बढ़ने से होती है। जब शरीर में कफ बढ़ जाता है, तो नाक बंद होना, खांसी और बलगम जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।
आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे क्यों हैं बेहतर?
आयुर्वेदिक नुस्खों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं और शरीर पर किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं डालते। साथ ही ये शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और समस्या को जड़ से ठीक करने में मदद करते हैं।
सर्दी-खांसी में तुरंत राहत देने वाले आयुर्वेदिक नुस्खे
1. अदरक और शहद का सेवन
अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की खराश और खांसी को शांत करते हैं। एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से खांसी में जल्दी आराम मिलता है।
2. हल्दी वाला गर्म दूध
हल्दी को आयुर्वेद में प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना जाता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है और इम्युनिटी भी बढ़ती है।
3. तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय
तुलसी कफ को कम करती है और सांस से जुड़ी समस्याओं में राहत देती है। तुलसी के पत्ते, थोड़ी अदरक और काली मिर्च को पानी में उबालकर बनाई गई चाय सर्दी-खांसी में काफी फायदेमंद होती है।
4. भाप लेना
नाक बंद हो और सिर भारी लग रहा हो तो भाप लेना सबसे आसान और असरदार उपाय है। गरम पानी में अजवाइन या यूकेलिप्टस ऑयल डालकर भाप लेने से नाक खुलती है और जमी हुई कफ बाहर निकलती है।
5. मुलेठी का सेवन
मुलेठी गले की जलन और सूखी खांसी में बेहद असरदार मानी जाती है। आप मुलेठी का छोटा टुकड़ा चूस सकती हैं या उसका काढ़ा बनाकर पी सकती हैं।
6. काली मिर्च और गुड़ का मिश्रण
काली मिर्च और गुड़ का मिश्रण पुरानी खांसी और जुकाम में बहुत लाभकारी होता है। इसे दिन में एक बार लेना फायदेमंद रहता है।
7. नमक के पानी से गरारे
गले में दर्द और खराश होने पर नमक के गुनगुने पानी से गरारे करने से काफी राहत मिलती है। दिन में दो से तीन बार गरारे करना बेहतर होता है।
8. लहसुन का उपयोग
लहसुन में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। लहसुन की एक-दो कलियां घी में हल्की भूनकर खाने से सर्दी-खांसी में आराम मिलता है।
9. अजवाइन की पोटली
अजवाइन को हल्का गरम करके कपड़े में बांध लें और छाती पर सेंक करें। इससे कफ ढीली पड़ती है और सांस लेने में आसानी होती है।
10. सही खान-पान का ध्यान रखें
सर्दी-खांसी के दौरान हल्का, गर्म और सुपाच्य भोजन करें। ठंडी चीज़ों, आइसक्रीम और तले-भुने खाने से परहेज करें।
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानियां
बच्चों को शहद देने से पहले उनकी उम्र का ध्यान रखें। बुजुर्गों को बहुत ज्यादा तीखे नुस्खे न दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
सर्दी-खांसी से बचाव के उपाय
रोज़ गुनगुना पानी पीना, मौसम के अनुसार कपड़े पहनना, पर्याप्त नींद लेना, योग और प्राणायाम करना सर्दी-खांसी से बचाव में मदद करता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर सर्दी-खांसी 7 से 10 दिन से ज्यादा बनी रहे, तेज बुखार आए या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष
सर्दी-खांसी एक आम समस्या है, लेकिन दादी-नानी के आयुर्वेदिक नुस्खों से इससे आसानी से राहत पाई जा सकती है। ये उपाय सुरक्षित, प्राकृतिक और लंबे समय तक असर करने वाले होते हैं। अगर आप बिना दवा के सर्दी-खांसी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो इन घरेलू नुस्खों को जरूर अपनाएं।





